🚨 Diwali 2025 से पहले दिल्ली में वायु संकट — जहरीली हवा, AQI अलर्ट जारी
दिवाली की रोशनी आने में अभी कुछ ही दिन बचे हैं। पर इस बार दिल्ली-एनसीआर (National Capital Region) में त्योहार का आनंद लेने से पहले एक बड़ा खतरा खड़ा है — हवा। शहर की वायु गुणवत्ता (AQI = Air Quality Index) तेजी से गिर रही है, और “खराब” से “बहुत खराब” श्रेणी में पहुँच चुकी है।
स्थिति का हाल
• Â दिल्ली-एनसीआर में कई इलाकों में इस समय AQI 300 से ऊपर जा चुकी है, यानी “बहुत खराब” श्रेणी में। उदाहरण के लिए, Anand Vihar में AQI 370 के आसपास दर्ज हुआ।
• दिल्ली में पिछले कई दिनों से वायु गुणवत्ता “खराब” (201-300) श्रेणी में बनी हुई है, और अब “बहुत खराब” (301-400) में जाने की चेतावनी दी जा रही है।
• न केवल दिल्ली, बल्कि आसपास के शहर जैसे Ghaziabad, Noida, Gurugram भी प्रदूषण के स्तर में पीछे नहीं हैं — Ghaziabad में ‘बहुत खराब’ श्रेणी का AQI 306 पाया गया।
• मौसम-वायु विज्ञान की स्थिति भी मददगार नहीं बनी है: कम हवा, शांत वातावरण और तापमान में गिरावट ने प्रदूषकों को फैलने से नहीं रोका।
इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि दिल्ली इस समय वायु संकट की कगार पर है — और दिवाली-त्योहार से पहले यह और गंभीर हो सकता है।
प्रदूषण के कारण
दिल्ली-एनसीआर में वायु गुणवत्ता गिरने के कई कारण सामने आए हैं। उनमें प्रमुख हैं:
1. वाहन-उत्सर्जन
बड़े पैमाने पर ऑटोमोबाइल, ट्रक-बस, डीजल गाड़ियाँ और अन्य वाहन कारण हैं। उदाहरण के लिए ‘ट्रांसपोर्ट उत्सर्जन’ को 17.9 % तक देखा गया है।
2. निर्माण कार्य, धूल-उत्पादन और खुला कचरा
निर्माण स्थलों से निकलने वाली धूल, खुला कचरा जलाना, मिट्टी-उड़ान प्रमुख हैं
3. पराली जलाना एवं बाहरी स्रोत
पड़ोसी राज्यों में पराली जलाने से निकलने वाला धुआँ और कण दिल्ली-एनसीआर में पहुँच रहा है, जो हवा का दुष्प्रभाव बढ़ा रहा है।
4. मौसम-विज्ञान (मौसम की भूमिका)
कम हवा, शांत मौसम, तापमान का गिरना — ये सभी मापदंड प्रदूषक कणों को नीचे रहने और उड़ने से रोकने में सहायक बने हैं।
5. त्योहार और पटाखों का उपयोग
दिवाली से पहले और दिवाली के दौरान पटाखों, आतिशबाज़ी, फोड़े-फटाके व अन्य उत्सव कारणों से भी वायु में क्षतिकारक कण (PM2.5, PM10) बढ़ सकते हैं।
सरकारी कार्रवाई & GRAP (Graded Response Action Plan)
प्रदूषण की तेज़ी से गिरती स्थिति को देखते हुए सरकार ने कदम उठाए हैं:
Commission for Air Quality Management (CAQM) ने दिल्ली-एनसीआर में GRAP-II लागू कर दिया है, यानी पाबंदियों का दूसरा चरण। इसमें निर्माण कार्यों पर रोक, डीजल वाहन-उपयोग पर निगरानी, खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध शामिल हैं।
अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि हालात और बिगड़े, तो अगले चरण GRAP-III या GRAP-IV लागू हो सकते हैं — जिसमें स्कूल बंद करना, निजी वाहनों पर रोक आदि शामिल होंगे।
नगर निगम द्वारा सड़कों की सफाई, धूल नियंत्रण, वेस्ट-टू-एनर्जी प्लांट्स की तैयारी जैसे कदम भी उठाए जा रहे हैं।
इन उपायों के बावजूद, प्रदर्शन और प्रभाव अभी अभी पूरी तरह सामने नहीं आए हैं — इसकी वजह तुरंत सुधार के लिए समय-स्थान, वातावरण, स्रोत नियंत्रण आदि का होना आवश्यक है।
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स्वास्थ्य पर असर
जब AQI 300 से ऊपर हो जाए और “बहुत खराब” श्रेणी में चले जाए, तो स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरे बढ़ जाते हैं।
ऐसी स्थिति में सांस लेने में तकलीफ, खांसी, गले में खराश, आँखों में जलन जैसी शिकायतें आम होती हैं।
खासकर बुजुर्ग, बच्चे, अस्थमा या अन्य श्वसन रोगों से ग्रस्त लोग अतिसक्रिय रूप से प्रभावित हो सकते हैं।
घर-बाहर की गतिविधियां सीमित करनी पड़ सकती हैं, मास्क का उपयोग जरूरी हो जाता है।
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क्या करें? — नागरिकों के लिए सुझाव
यदि आप दिल्ली या आसपास रहते हैं, तो निम्नलिखित सावधानियाँ अपनाना बहुत महत्वपूर्ण है:
बाहर जाते समय एन95 मास्क या उपयुक्त मास्क का प्रयोग करें।
बच्चों और बुजुर्गों को बाहर कम भेजें, खासकर धुंध या स्मॉग के समय।
पटाखे न जलाएं, दिवाली में पर्यावरण-दोस्त विकल्प अपनाएँ।
घर में हवादार रखना, यदि संभव हो तो एयर-प्यूरिफायर या पौधे की सहायता लें।
निजी वाहन कम करें; पब्लिक/शेयर्ड ट्रांसपोर्ट का विकल्प अपनाएं।
खबर-और डेटा पर नज़र रखें — जैसे AQI रिपोर्ट, सरकारी अलर्ट इत्यादि।
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आगे की बढ़ती चिंता और भविष्य-परिदृश्य
विशेषज्ञों और मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, यदि दिवाली तक प्रदूषण में कमी नहीं आई, तो अगले 48 से 72 घंटों में दिल्ली का AQI 400 के पार जाने का अनुमान है — यानी “सेवियर” (Severe) श्रेणी।
ऐसी स्थिति में हालात बहुत चिंताजनक हो जाएंगे — “गैस चैंबर” जैसा वातावरण बनने की चेतावनी भी दी गई है।
यह सिर्फ एक चेतावनी नहीं है — यह वास्तविकitäts-सत्य है कि दिल्ली-एनसीआर वर्ष में इसी समय वायु संकट से गुज़रता रहा है, और इस बार भी वही चक्र दोहराया जा रहा है। यदि उपाय समय पर नहीं हों, तो त्योहार के बाद स्वास्थ्य पर व्यापक प्रभाव पड़ सकता है।
निष्कर्ष
दिवाली के आगमन से पहले दिल्ली की हवा जहरीली हो चुकी है। AQI “खराब” से “बहुत खराब” तक पहुँच चुकी है और अगले कुछ दिन निर्णायक साबित होंगे। सरकार ने GRAP-II लागू किया है, लेकिन नागरिकों की भी जिम्मेदारी है कि वे सक्रिय हों — मास्क पहनें, पटाखे न जलाएं, निजी वाहन कम करें और वायु-गुणवत्ता पर नजर रखें।
अगर हम सभी मिलकर जिम्मेदारी निभाएँ, तो इस दिवाली को स्वस्थ दिवाली बना सकते हैं — न कि स्मॉग दिवाली।
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