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महँगी किताब व कॉपी, एडमिशन फीस के नाम पर धन वसूली से अभिभावकों को छूट रहा पसीना, जेब हो रही खाली।

महँगी किताब, कॉपी, हर साल एडमिशन फीस के नाम पर धन वसूली बस्ती शहर में धड़ल्ले से हो रहा है। इस पर विभाग का और न ही शासन, प्रशासन का कोई अंकुश या मानक निर्धारित है। बस्ती शहर का हर इंग्लिश मीडियम स्कूल अपनी उपलब्धियों को बढ़ा चढ़ा कर बता रहा है। यहां तक की अपनी उपलब्धि को पैरेंट्स मीटिंग करके और उसे कुछ पीत पत्रकार के द्वारा सोशल साइट पर प्रकाशित भी करवा रहे है। महँगी किताब, कॉपी, महँगी शिक्षा, संसाधन, शिक्षा गुणवत्ता पर खबर नही बल्कि पैरेंट्स मीटिंग की खबर बनाकर अब यू प्रचार हो रहा है। कुछ नाम के पत्रकार इस तरह के भी है जो सिर्फ शहर के एक स्कूल संस्थान की खबर बार बार सोशल साइट पर निकालते रहते है। जिससे पत्रकारिता का स्तर गिर रहा है।


 यहां तक कि स्कूल में पैरेंट्स मीटिंग हो तो भी खबर बनाकर कॉपी पेस्ट किया करते है। जबकि अभिभावक शिक्षक वार्तालाप तो हर स्कूल में प्रत्येक माह होता ही रहता है ये आम बात है लेकिन अब पत्रकारिता की इमेज कुछ नाम के पत्रकार गिरा रहे है और उन्हें जो कुछ भी टाइप में मिल रहा है इंग्लिश मीडियम संस्थानों, स्कूलों से वो बगैर सोचे समझे कॉपी पेस्ट करके आगे बढ़ाने में लगे रहते है। इस तरह की न्यूज़ को पेड न्यूज कहते है। इस तरह के पत्रकारों को पता ही नही की खबर क्या होता है बहरहाल ये एक चिंता का विषय है क्योंकि पत्रकारिता की साख गिर रही है। आगे की रिपोर्ट में इस तरह के संस्थानों और पत्रकारों को चिन्हित किया जाएगा और जिला प्रशासन से मांग है कि निजी स्कूलों में किताब कॉपी और मंथली फीस का मानक होना चाहिए और हर साल पुराने बच्चो से या नये बच्चो से एडमिशन फीस के नाम पर मोटी रकम पर भी अंकुश लगाना जनहित अति आवश्यक है क्योंकि बच्चे देश के भविष्य है। सबका अधिकार है सस्ती और अच्छी शिक्षा। जनहित में इस खबर को लाइक व शेयर करे और चैनल को सब्सक्राइब करना न भूलें। वरिष्ठ पत्रकार एजाज़ आलम खान की रिपोर्ट AKP न्यूज़ 786


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