केरल के पश्चिमी घाट में मिली नई Freshwater Crab Species - Kasaragodina shebae की खोज
तिरुवनंतपुरम (केरल): केरल विश्वविद्यालय के वैज्ञानिकों ने पश्चिमी घाट के कासरगोड ज़िले में मीठे पानी के केकड़े (Freshwater Crab) की एक बिल्कुल नई प्रजाति खोजी है। इस नई प्रजाति का नाम Kasaragodina shebae रखा गया है, जो केवल इसी क्षेत्र में पाई जाती है। यह खोज भारत की जैव-विविधता (Biodiversity of India) में एक अनमोल योगदान मानी जा रही है।
पश्चिमी घाट (Western Ghats) को UNESCO World Heritage Site का दर्जा प्राप्त है और यह दुनिया के सबसे बड़े जैव-विविधता हॉटस्पॉट्स में से एक है। यहां पाई जाने वाली Freshwater Crab Species न केवल वैज्ञानिक दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण हैं बल्कि पारिस्थितिकी संतुलन के लिए भी ज़रूरी हैं।
नई प्रजातियों का विवरण
- Kasaragodina shebae - आकार में छोटा लेकिन बेहद अनोखे रंग और बनावट वाला मीठे पानी का केकड़ा।
- Pilarta vaman - एक और नई Freshwater Crab Species India जो पास के झरनों और तालाबों में पाई गई।
इस खोज के मुख्य तथ्य
- दोनों प्रजातियां केवल केरल के कासरगोड और आसपास के पश्चिमी घाट इलाकों में पाई जाती हैं।
- इन Freshwater Crabs को बचाने के लिए संरक्षण प्रयास बेहद ज़रूरी हैं।
- यह खोज एक इंटरनेशनल जर्नल में प्रकाशित हुई है।
भारत की जैव-विविधता में योगदान
भारत की वन्यजीव और जलचर प्रजातियां दुनिया भर के वैज्ञानिकों के लिए रिसर्च का केंद्र रही हैं। Freshwater Crab India की नई प्रजातियों का मिलना इस बात का सबूत है कि अभी भी हमारे देश में प्रकृति के कई रहस्य छुपे हुए हैं।
निष्कर्ष
यह खोज केवल वैज्ञानिकों के लिए ही नहीं, बल्कि पर्यावरण प्रेमियों और नेचर फोटोग्राफर्स के लिए भी प्रेरणादायक है। अगर ऐसे दुर्लभ Freshwater Crabs की सुरक्षा पर ध्यान दिया जाए तो भारत की जैव-विविधता आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित रह सकती है।
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