बस्ती- राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, नई दिल्ली एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, लखनऊ के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वाधान मे जनपद न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण विनय कुमार द्विवेदी की कुशल मार्गदर्शन में तथा सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अपर जिला जज अनिल कुमार के प्रभार में जनपद न्यायालय परिसर, सभी ग्राम न्यायालय, सभी तहसील, राजस्व न्यायालय, कलेक्ट्रेट में राष्ट्रीय लोक अदालत का सफल आयोजन किया गया,जिसमें जिलाधिकारी रविश गुप्ता एवं पुलिस अधीक्षक अभिनन्दन एवं अन्य विभाग का सराहनीय सहयोग रहा।
उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में विभिन्न प्रकार के कुल 68668 वादों का निस्तारण किया गया जिसमें बैंक ऋण व अन्य प्रकार से सम्बन्धित प्री-लिटिगेशन स्तर पर 66850 मामलों को एवं न्यायालयों के 1818 वादों का निस्तारण सुलह-समझौते के आधार पर कराया गया। उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण द्वारा कुल 57 मामले निस्तारित किए गए, जिसमें रू 27032000 की धनराशि क्षतिपूर्ति के रूप में प्रदान की गई एवं आपराधिक वादों के निस्तारण के फलस्वरूप कुल रू. 2869182 की धनराशि अर्थदण्ड एवं अन्य मामलों में कुल रू० 7087413 इस प्रकार कुल रू. 36988595 की धनराशि वसूल की गई। इसके अतिरिक्त प्री लिटिगेशन स्तर के बैंक ऋण के 719 मामलों को निस्तारित कराकर बैंकों द्वारा रू 34282978 की धनराशि पर समझौता किया गया।
परिवार न्यायालय से कुल 41 मामलें निस्तारित हुए। बर्षो से मुकदमा लड़ रहे अनेक दंपत्ति आज राष्ट्रीय लोक अदालत में सुलह समझौता करके साथ -साथ रहने को सहमत हुए।अनेक उजड़ें हुए घर पुनः बस गए।
उक्त लोक अदालत में पीठासीन अधिकारी मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण मो0 रिजवानुल हक, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय कु० आराधना रानी, अपर जिला जज प्रथम श्री शिव चन्द, अपर जिला जज/ विशेष न्यायाधीश (ई०सी० एक्ट) राम करन यादव, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट आशीष कुमार राय, सिविल जज (सी०डी०) श्री संदीप समेत न्यायिक अधिकारीगण ने प्रतिभाग लिया।
उक्त राष्ट्रीय लोक अदालत में जिला कारागार में निरूद्ध बन्दियों द्वारा निर्मित हस्तशिल्प कला की प्रदर्शिनी भी लगाई गई,जो आम जन के क्रय हेतु भी उपलब्ध थी एवं कुछ आगंतुकों द्वारा उपलब्ध सामग्रियों को क्रय भी किया गया था।
रिजवान खान की रिपोर्ट

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