14 सितंबर राष्ट्रीय हिंदी दिवस के मौके पर दारुल उलूम इस्लामिया फैजाने आलम, दमया परसा के प्रिंसिपल एवं आलम रूहानी मिशन बस्ती के अध्यक्ष सूफी एजाज़ आलम खान कादरी ने सभी भारतीयों को ढेरों बधाई दीं।
उन्होंने कहा कि हिंदी हमारी पहचान और हमारी राष्ट्रीय भाषा है। यह केवल हिंदुस्तान ही नहीं, बल्कि पूरी दुनिया में सम्मान और लोकप्रियता हासिल कर चुकी है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि हिंदी की गरिमा को बनाए रखें और इसे और भी प्रभावशाली बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत रहें।
सूफी एजाज़ कादरी ने कहा कि आज अंग्रेज़ी सीखने की होड़ में लोग अपनी मातृभाषा हिंदी से दूर होते जा रहे हैं। अंग्रेज़ी सीखना अच्छी बात है, लेकिन अपनी पहचान को भूलना सही नहीं। अंग्रेज़ी ज्ञान का माध्यम है, जबकि हिंदी हमारी आत्मा और हमारी असली पहचान है।
उन्होंने बच्चों और युवाओं को प्रेरित करने की अपील की कि वे गर्व के साथ हिंदी अपनाएँ और आने वाली पीढ़ियों तक इसकी महत्ता पहुँचाएँ।
सूफी साहब ने अंत में कहा — “हिंदी केवल भाषा नहीं, बल्कि भारत की आत्मा है।”
ब्यूरो रिपोर्ट

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