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रूहानी शर्बत और सूफ़ी मत: मोहब्बत, अमन और इंसानियत का संदेश।


🕊 सूफ़ी मत का पैग़ाम और रूहानी शर्बत से अमन व मोहब्बत का संदेश

जयपुरवा बस्ती (AKP News 786): आलम रूहानी मिशन में गुरुवार, 23 अक्टूबर को सूफ़ी एजाज़ आलम ख़ान क़ादरी ने रूहानी शर्बत पिलाया। इस मौके पर बड़ी संख्या में अकीदतमंदों ने हाज़िरी दी और रूहानी फ़ैज़ पाया।

🌿 सूफ़ी मत का असल संदेश — मोहब्बत और इंसानियत

मौक़े पर सूफ़ी साहब ने फ़रमाया —

“रूहानी शर्बत का मक़सद सिर्फ़ जिस्म को ताक़त देना नहीं, बल्कि दिल और रूह को सुकून पहुँचाना है। जब दिल पाक और नियत साफ़ होती है, तो इंसान अल्लाह की क़ुरबत महसूस करता है — यही असल तसव्वुफ़ है।”

उन्होंने आगे कहा कि सूफ़ी मत हमेशा मोहब्बत, अमन और इंसानियत की राह दिखाता है। नफ़रत को ख़त्म कर, एक-दूसरे से प्यार करना ही सूफ़ी रास्ते की हक़ीक़ी पहचान है।

🕯 अगला रूहानी शर्बत: तारीख़ और वक़्त

अगला रूहानी शर्बत 26 अक्टूबर (रविवार) को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक और शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक पिलाया जाएगा।

सूफ़ी साहब ने दूर-दराज़ से आने वाले मरीजों से अपील की कि वे आने से पहले संपर्क करें:

📞 मोबाइल नंबर: 9451437422

💫 सूफ़ी एजाज़ आलम ख़ान क़ादरी का रूहानी पैग़ाम

“अल्लाह से इश्क़ करो और उसकी मख़लूक़ से मोहब्बत रखो — यही असल इबादत और सूफ़ी राह की रूह है।”

सूफ़ी एजाज़ आलम ख़ान क़ादरी ने बताया कि यह रूहानी सिलसिला सिर्फ़ इलाज या दुआ तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एक आध्यात्मिक जुड़ाव और मानवता के प्रति प्रेम का संदेश देता है।

📿 सूफ़ी मत का पैग़ाम: दिलों को जोड़ने की राह

  • सूफ़ी राह मोहब्बत और अमन की तालीम देती है।
  • रूहानी शर्बत आत्मिक शांति और सुकून का प्रतीक है।
  • इंसानियत और भाईचारे को बढ़ावा देना सूफ़ी परंपरा की पहचान है।

ब्यूरो रिपोर्ट — AKP News 786

📣  अमन और मोहब्बत का यह पैग़ाम आगे बढ़ाएं!

अगर आप भी रूहानी तसव्वुफ़ और सूफ़ी मत के इस संदेश से जुड़ना चाहते हैं, तो इसे शेयर करें और कमेंट में अपना अनुभव ज़रूर लिखें। 🌸

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